आरजू अंसारी
रायपुर/ छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार को बड़ा झटका लगा है। राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों को लेकर नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने फिलहाल मंजूरी प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। इस निर्णय के बाद यह लगभग तय हो गया है कि चालू शैक्षणिक सत्र में इन मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई शुरू नहीं हो सकेगी।
सूत्रों के अनुसार, एनएमसी ने स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों और बुनियादी ढांचे को लेकर कई गंभीर आपत्तियां दर्ज की हैं। आयोग का स्पष्ट मत है कि मेडिकल कॉलेज संचालन के लिए निर्धारित मानकों और आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त तैयारी नहीं की गई थी। अधूरी तैयारियों के बावजूद प्रस्ताव भेजे जाने पर आयोग ने आपत्ति जताते हुए प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया है।
राज्य सरकार ने मनेंद्रगढ़, कवर्धा, गीदम, जांजगीर-चांपा और कुनकुरी में नए मेडिकल कॉलेज खोलने का निर्णय लिया था। इन कॉलेजों के माध्यम से प्रदेश में मेडिकल शिक्षा का विस्तार होना था और एमबीबीएस सीटों की संख्या में भी वृद्धि की योजना थी। हालांकि आवश्यक संसाधनों, स्थायी फैकल्टी, अस्पताल सुविधाओं और आधारभूत ढांचे की कमी के चलते यह योजना फिलहाल अधर में लटक गई है।
विशेष रूप से मनेंद्रगढ़ प्रोजेक्ट को लेकर एनएमसी ने अधिक आपत्ति जताई है। जानकारी के मुताबिक वहां अस्पताल और मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण पूरी तरह पूरा हुए बिना ही कॉलेज शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही थी। आयोग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए स्पष्ट किया है कि बिना पूर्ण अधोसंरचना और मानकों के किसी भी मेडिकल कॉलेज को अनुमति नहीं दी जा सकती।
इस फैसले का सीधा असर उन छात्रों पर पड़ेगा, जो इन नए मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की उम्मीद लगाए बैठे थे। सीटों की संख्या बढ़ने से जहां छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद थी, वहीं अब उन्हें फिलहाल इंतजार करना पड़ेगा।
अब राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती एनएमसी द्वारा बताई गई कमियों को जल्द से जल्द दूर करने की है। विभाग को अस्पतालों की क्षमता, फैकल्टी की नियुक्ति, भवन निर्माण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर दोबारा प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा। इसके बाद ही मंजूरी की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
