आरजू अंसारी
एमसीबी/मनेंद्रगढ़ – खड़गवां विकासखंड के चनवारीडांड में 10 फरवरी 2026 को आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के सामूहिक विवाह कार्यक्रम में वितरित मंगलसूत्रों की गुणवत्ता को लेकर विवाद गहरा गया है। कुछ हितग्राहियों द्वारा मंगलसूत्रों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जाने के बाद पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
जारी बयान में गुलाब कमरो ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उद्देश्य नवविवाहित बेटियों को सम्मानपूर्वक सहयोग प्रदान करना है, लेकिन यदि चांदी के नाम पर नकली अथवा निम्न गुणवत्ता वाले मंगलसूत्र वितरित किए गए हैं तो यह गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि यह केवल वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान और विश्वास से जुड़ा विषय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शासन की योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ पहुंचना चाहिए, लेकिन लगातार सामने आ रही शिकायतें विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग में पूर्व में भी विभिन्न शिकायतें और अनियमितताओं के मामले सामने आते रहे हैं।
पूर्व विधायक ने सरकार से सवाल किया कि यदि शिकायतें सही हैं तो सामग्री की खरीदी और वितरण प्रक्रिया में किन अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका रही तथा किसके संरक्षण में यह कथित अनियमितता हुई। उन्होंने पूरे मामले की न्यायिक अथवा उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच कराने की मांग की।
गुलाब कमरो ने मांग की कि जांच पूरी होने तक संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को हटाया जाए तथा जिन हितग्राही कन्याओं को संदिग्ध गुणवत्ता वाले मंगलसूत्र मिले हैं, उन्हें मानक गुणवत्ता के वास्तविक चांदी के मंगलसूत्र उपलब्ध कराए जाएं।

उन्होंने कहा कि बेटियों के सम्मान से जुड़ी किसी भी योजना में भ्रष्टाचार या लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। यदि जांच में अनियमितता सिद्ध होती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हितग्राहियों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी।
