16 Jul 2026, Thu

दस्तावेजों के साथ सामने आए गुलाब कमरो, बोले- भूपेश बघेल के कार्यकाल में हुई थी मेडिकल कॉलेज की घोषणा, लंबे प्रयासों का मिला परिणाम

एमसीबी/ मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के लिए बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आई शासकीय मेडिकल कॉलेज की मंजूरी के बाद अब इसकी स्थापना को लेकर राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) द्वारा मनेन्द्रगढ़ मेडिकल कॉलेज को 50 एमबीबीएस सीटों की स्वीकृति मिलने के बाद पूर्व विधायक भरतपुर-सोनहत गुलाब कमरो ने सरकारी दस्तावेज सामने रखते हुए कहा कि यह उपलब्धि वर्षों के प्रयासों और लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया का परिणाम है।

गुलाब कमरो ने कहा कि मनेन्द्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की पहल तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई थी। उन्होंने बताया कि 11 और 12 दिसंबर 2020 को तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कोरिया जिला प्रवास के दौरान मनेन्द्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज की घोषणा की गई थी। इसके बाद शासन स्तर से इस महत्वपूर्ण परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

उन्होंने बताया कि चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि चयन, निरीक्षण प्रतिवेदन और आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए जिला प्रशासन को लगातार पत्र भेजे गए। विभाग की ओर से 2 सितंबर 2021, 11 अक्टूबर 2021, 16 फरवरी 2022 और 10 मई 2022 को कलेक्टर कोरिया को पत्र जारी कर प्रस्ताव से जुड़ी कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए गए थे।

पूर्व विधायक ने बताया कि इसके बाद 12 सितंबर 2022 को जिला प्रशासन द्वारा मेडिकल कॉलेज के लिए प्रस्तावित भूमि से संबंधित राजस्व दस्तावेज चिकित्सा शिक्षा संचालनालय को भेजे गए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर लगातार चली प्रक्रिया के बाद मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया।

गुलाब कमरो ने इस उपलब्धि का श्रेय तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, तत्कालीन सांसद ज्योत्सना महंत और तत्कालीन राज्य सरकार के प्रयासों को देते हुए कहा कि सभी के संयुक्त प्रयासों से यह सपना आगे बढ़ा। अब राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा कॉलेज को 50 एमबीबीएस सीटों की अनुमति मिलना पूरे एमसीबी जिले के लिए गर्व का विषय है।

उन्होंने कहा कि मनेन्द्रगढ़ मेडिकल कॉलेज शुरू होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के लिए बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। स्थानीय युवाओं को अपने जिले में ही डॉक्टर बनने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी और चिकित्सा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज की मंजूरी के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है। इसे एमसीबी जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। मेडिकल कॉलेज के संचालन से मनेन्द्रगढ़ को स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

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