एमसीबी/ मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में हुए कथित “मंगलसूत्र कांड” में आखिरकार राज्य शासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने अधिकारी की दो वार्षिक वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकने का आदेश जारी किया है।
यह कार्रवाई उस मामले में हुई है, जिसमें सामूहिक विवाह कार्यक्रम के दौरान नवविवाहित जोड़ों को दिए गए उपहारों में मंगलसूत्र की जगह स्टील के मंगलसूत्र जैसी सामग्री दिए जाने की शिकायत सामने आई थी।
यह मामला सामने आने के बाद कांग्रेस ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया था।
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने लगातार इस पूरे प्रकरण का विरोध करते हुए इसे नवविवाहित आदिवासी और गरीब बेटियों के सम्मान से जुड़ा मामला बताया था। उन्होंने शासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। इसके साथ ही कांग्रेस के कई जनजातीय नेताओं ने भी लगातार इस मुद्दे को उठाते हुए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में हुई कथित अनियमितताओं की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की थी।
लगातार उठते विरोध, शिकायतों और राजनीतिक दबाव के बीच कलेक्टर द्वारा कराई गई जांच में शिकायतों को गंभीर माना गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर महिला एवं बाल विकास संचालनालय ने 18 जून 2026 को जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया। बाद में 3 जुलाई को स्मरण पत्र भी भेजा गया। अधिकारी ने अपना जवाब प्रस्तुत किया, लेकिन विभाग ने उसे असंतोषजनक मानते हुए यह माना कि उन्होंने शासकीय कार्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती है, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों का उल्लंघन है।
इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए आदित्य शर्मा की दो वार्षिक वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकने का आदेश जारी कर दिया। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस दंड की प्रविष्टि उनकी सेवा पुस्तिका में दर्ज की जाएगी।

राजनीतिक गलियारों में इस कार्रवाई को कांग्रेस की लगातार मुहिम और पूर्व विधायक गुलाब कमरो द्वारा उठाए गए मुद्दे की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
