रायपुर/ माता सुंदरी पब्लिक स्कूल में द गतका एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ के तत्वावधान एवं गतका फेडरेशन ऑफ इंडिया की संबद्धता में आयोजित तृतीय सब-जूनियर, जूनियर एवं सीनियर गतका राज्य स्तरीय प्रतियोगिता-2026 का समापन पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ। दो दिवसीय प्रतियोगिता में प्रदेश के 16 जिलों से लगभग 357 महिला एवं पुरुष खिलाड़ी, कोच और मैनेजर शामिल हुए।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि गतका केवल खेल नहीं, बल्कि साहस, आत्मविश्वास, अनुशासन और गौरवशाली परंपरा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में गतका खेल को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार हरसंभव सहयोग करेगी। प्रदेश के सभी जिलों में प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करने, प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने और प्रशिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
उपमुख्यमंत्री साव ने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं। उन्हें उचित प्रशिक्षण और मंच उपलब्ध कराकर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रदेश के विश्वविद्यालयों में गतका को मान्यता दिलाने और विश्वविद्यालय स्तर पर खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी आवश्यक प्रयास किए जाने की बात कही।
प्रतियोगिता में पुरुष वर्ग की ओवरऑल चैंपियनशिप रायपुर ने अपने नाम की। बिलासपुर दूसरे और मुंगेली तीसरे स्थान पर रहा। वहीं बालिका वर्ग में मुंगेली प्रथम, बलौदाबाजार द्वितीय और महासमुंद तृतीय स्थान पर रहा। विजेता एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पदक, पुरस्कार और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
द गतका एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ के चेयरमैन एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त अमरजीत सिंह छाबड़ा ने कहा कि प्रतियोगिता की सफलता प्रदेश में गतका के बढ़ते विस्तार का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिले में खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण, प्रशिक्षक और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि गतका सिक्ख विरासत, शौर्य और संस्कारों से जुड़ा पारंपरिक खेल होने के साथ आज अनुशासित और प्रतिस्पर्धात्मक खेल के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। खिलाड़ियों को राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर उपलब्ध कराने के लिए एसोसिएशन लगातार प्रयास कर रही है।
सिक्ख समाज के वरिष्ठ समाजसेवक बलदेव सिंह भाटिया ने कहा कि गतका हमारी गौरवशाली विरासत और संस्कारों से जुड़ा खेल है। नई पीढ़ी को इससे जोड़ना समाज की जिम्मेदारी है। प्रतियोगिता से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन के साथ अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर मिलता है।
समापन समारोह में एसोसिएशन की अध्यक्ष सिमरन सिंह, सचिव ख्वाजा अहमद सहित सिक्ख समाज के वरिष्ठजन, विभिन्न गुरुद्वारा कमेटियों के पदाधिकारी, सिक्ख संगठनों के प्रतिनिधि और खेल संघों से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे। आयोजकों ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सभी सहयोगी संस्थाओं, तकनीकी अधिकारियों, निर्णायकों, कोच, मैनेजर, स्वयंसेवकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

