मानवजाति में अगर मानवीय संवेदना नही ,मनुष्य में मनुष्यता का आचरण नही तो जीवन व्यर्थ है: एस. के.‘रूप’
बैकुंठपुर/ दूसरों की भावनाओं को समझना, सहानुभूति का आचरण करना, दूसरों के दर्द और पीड़ा...
बैकुंठपुर/ दूसरों की भावनाओं को समझना, सहानुभूति का आचरण करना, दूसरों के दर्द और पीड़ा...