जशपुर/ छत्तीसगढ़ में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत जशपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए तीन कारों से कुल 552.10 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 21 लाख रुपये बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तस्करों को पुलिस की गतिविधियों की जानकारी देने के लिए आगे-आगे चलकर रेकी कर रही एक कार को भी जब्त किया गया है। पुलिस अब इस पूरे अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
जानकारी के अनुसार, सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा के निर्देशन में पूरे सरगुजा संभाग में ‘ऑपरेशन आघात’ चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाना, तस्करी में शामिल गिरोहों का नेटवर्क ध्वस्त करना तथा विभिन्न जिलों के बीच समन्वय स्थापित कर संयुक्त कार्रवाई करना है। इसी रणनीति के तहत जशपुर पुलिस को तस्करों की गतिविधियों की गोपनीय सूचना मिली थी।
सूचना के आधार पर जशपुर पुलिस ने थाना कुनकुरी और थाना बगीचा क्षेत्र में संयुक्त रूप से घेराबंदी की। इस दौरान उड़ीसा से गांजे की खेप लेकर छत्तीसगढ़ के रास्ते अन्य राज्यों की ओर जा रही इनोवा, ब्रेजा और आर्टिगा कारों को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहनों से 552.10 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में प्रारंभिक तौर पर यह सामने आया कि आरोपी उड़ीसा से गांजे की खेप लेकर दूसरे राज्यों तक पहुंचाने का काम करते थे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के लिए प्रस्तुत किया है।
जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि तस्करों की मदद के लिए एक अन्य कार आगे-आगे चल रही थी। यह वाहन रास्ते में पुलिस की मौजूदगी और गतिविधियों पर नजर रखकर पीछे चल रही गांजे से भरी कारों को जानकारी दे रहा था, ताकि वे कार्रवाई से बच सकें। पुलिस ने इस रेकी कार को भी जब्त कर लिया है। हालांकि, इस वाहन से जुड़े कुछ आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए, जिनकी तलाश लगातार जारी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई केवल गांजा जब्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे सक्रिय पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गांजे की खेप कहां से लाई गई थी, इसे किन राज्यों तक पहुंचाया जाना था और इस अवैध कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल हैं। इसके लिए गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
