रायपुर / छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के हितग्राहियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने स्पष्ट किया है कि राज्य में जितने भी पीएम आवास शहरी योजना के मकान निर्माणाधीन हैं, उन सभी के लिए पूरी राशि जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य शासन के पास पर्याप्त बजट उपलब्ध है और किसी भी पात्र हितग्राही को आवास से वंचित नहीं किया जाएगा।
दरअसल, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की अवधि 31 दिसंबर को समाप्त हो रही है। इससे पहले राज्य शासन द्वारा नगरीय निकायों को पत्र जारी कर यह कहा गया था कि तय समयसीमा तक अधूरे मकानों के लिए राशि जारी नहीं की जाएगी। इस निर्देश के बाद लगभग 25 हजार से अधिक निर्माणाधीन आवासों के हितग्राही चिंता में पड़ गए थे और कई जगह ठेकेदारों ने भुगतान की अनिश्चितता के चलते काम भी रोक दिया था।
इस स्थिति पर स्थिति स्पष्ट करते हुए मंत्री अरुण साव ने कहा कि सभी निर्माणाधीन मकानों के लिए पूरा भुगतान किया जाएगा और हितग्राहियों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि पीएम आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत राज्य के विभिन्न नगरीय निकायों में कुल 2 लाख 43 हजार 261 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 2 लाख 11 हजार 69 आवास हितग्राहियों की स्वयं की भूमि पर बनाए जा रहे हैं, जबकि 38 हजार 97 आवास किफायती आवासीय परियोजनाओं के तहत शामिल हैं।
वर्तमान में योजना के तहत लगभग 25 हजार आवास निर्माणाधीन हैं, जबकि 481 आवास ऐसे हैं जिनका निर्माण अभी शुरू नहीं हो पाया है। नगरीय प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार निर्माणाधीन मकानों को 31 दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जो 481 आवास शुरू नहीं हो सके हैं, उन्हें आगामी पीएम आवास शहरी 2.0 योजना में शामिल किया जाएगा।
राज्य सरकार ने दोहराया है कि उसका उद्देश्य हर पात्र परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराना है और योजना की अवधि समाप्त होने के बावजूद निर्माणाधीन मकानों के हितग्राहियों को उनका पूरा हक दिया जाएगा।
