आरजू अंसारी
बिलासपुर / शहर के मधुबन-जूना बिलासपुर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब आने वाले समय में जिले की शैक्षणिक पहचान को नई ऊंचाई देने वाला साबित होगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए आधुनिक और सुव्यवस्थित अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित की जा रही है।
बिलासपुर में हर वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी सीजीपीएससी, यूपीएससी, नीट, जेईई, एसएससी, व्यापम और बैंकिंग सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पहुंचते हैं। ऐसे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशासन इस बड़े प्रोजेक्ट पर तेजी से कार्य कर रहा है।
करीब 13 एकड़ शासकीय भूमि पर विकसित किए जा रहे इस नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब की कुल लागत लगभग 120 करोड़ रुपये है। इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां विद्यार्थियों को अध्ययन, आवास और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी, जिससे उन्हें एक शांत, सुरक्षित और एकाग्र वातावरण मिल सकेगा।
परियोजना के तहत अत्याधुनिक नालंदा डिजिटल पब्लिक लाइब्रेरी का निर्माण किया जा रहा है, जहां छात्रों को डिजिटल संसाधनों के साथ 24 घंटे अध्ययन की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग 300-300 सीटर सर्वसुविधायुक्त छात्रावास बनाए जा रहे हैं। परिसर में आधुनिक सुविधाओं से लैस अकादमिक ब्लॉक का निर्माण भी किया जाएगा, जहां विशेष कक्षाएं, कार्यशालाएं और सेमिनार आयोजित किए जा सकेंगे। साथ ही 48 बड़े रेंटल हॉल भी तैयार किए जा रहे हैं, जिनका उपयोग शैक्षणिक और अन्य गतिविधियों के लिए किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार इस परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से जारी है और वर्ष के अंत तक इसके पूर्ण होने की संभावना है। इसके बाद विद्यार्थी यहां उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। बताया जा रहा है कि यह प्रदेश का पहला ऐसा नालंदा परिसर होगा, जहां विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी एक ही स्थान पर संभव हो सकेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी हाल ही में परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्य को गुणवत्ता और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रदेश के युवाओं को बेहतर अवसर और प्रतिस्पर्धी माहौल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एजुकेशन हब के विकसित होने से बिलासपुर की पहचान प्रदेश के प्रमुख शैक्षणिक केंद्र के रूप में और मजबूत होगी और यह परिसर हजारों विद्यार्थियों के सपनों को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएगा।
