जनकपुर विकासखंड भरतपुर में दिनांक 28.09.2025 को हुई युवक की निर्मम हत्या की गुत्थी जनकपुर पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर सुलझा ली।
लाखनटोला निवासी जगजीवन यादव ने थाना जनकपुर में अपनी रिपोर्ट में बताया कि उनके पुत्र बृजकुमार यादव उर्फ बब्लू उर्फ सुनील की धारदार टांगी से निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक, MCB चन्द्रमोहन सिंह ने तत्काल कदम उठाते हुए एसडीओपी भरतपुर, थाना प्रभारी जनकपुर और चौकी प्रभारी कुंवारपुर की पृथक-पृथक टीमें गठित कर विवेचना के निर्देश दिये।
पुलिस ने प्राप्त रिपोर्ट पर बिना नम्बरी मर्ग इन्टीमेशन धारा 194 बीएनएसएस तथा अपराध धारा 103 (1) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर फॉरेंसिक टीम (FSL) व डॉग स्क्वाड को मौके पर बुलाकर विस्तृत जांच-पड़ताल शुरू की।
घटनास्थल, शव की पोजीशन और आसपास के क्षेत्र का अवलोकन कर पुलिस ने संदिग्धों और करीबियों से पूछताछ तथा ग्रामीणों से जानकारी एकत्र की। प्रारम्भिक जांच और साक्ष्यों के प्रमाण के आधार पर पता चला कि आरोप और मृतक के बीच जमीन के विवाद को लेकर पहले से तनाव था।
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि घटना से पहले बृजकुमार, पुरुषोत्तम, ननकू (बंटी), तीरथ व राजेश आदि एक साथ तरतोरा बांध के पास मूर्गा खाने पर इकट्ठा थे तथा शराब पीने के बाद रात करीब 08:00 बजे वे अपने-अपने घर की ओर जा रहे थे। रास्ते में पुरुषोत्तम बैगा व बृजकुमार के बीच जमीन के कब्जे को लेकर बहस हुई। पुलिस के अनुसार विवाद के दौरान बृजकुमार ने पुरुषोत्तम पर गाली-गलौज की, जिससे आक्रोशित होकर पुरुषोत्तम ने घर से टांगी लाकर बृजकुमार पर 3–4 बार प्रहार किया। प्रहार इतनी तेज था कि टांगी का बेट टूट गया।
घातक प्रहार के बाद आरोपी ने मृतक के शव को सड़क के दूसरी ओर लगभग 30–35 मीटर घसीट कर फेंक दिया और मोटरसाइकिल घर के परछी में खड़ी कर, घटना के समय पहने कपड़े व टांगी के टूटे हुए बेट को घर के अलग-अलग कमरों में छिपाकर जंगल की ओर भाग गया।
गहन और निरंतर दबाव व छानबीन के परिणामस्वरूप थाना जनकपुर पुलिस ने आरोपी पुरुषोत्तम बैगा को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने घटना में प्रयुक्त टांगी का टूटा हुआ बेट, आरोपी के मौके पर पहने कपड़े तथा आरोपी की मोटरसाइकिल जब्त की है। इन आपत्तिजनक वस्तुओं को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कर फॉरेंसिक परीक्षण के लिए भेजा गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
इस पूरे अभियोजन कार्य में थाना जनकपुर की टीम, चौकी कुंवारपुर की टीमें, एसडीओपी भरतपुर और अन्य संबंधित अधिकारीयों का समन्वित प्रयास रहा। पुलिस अधीक्षक श्री चन्द्रमोहन सिंह व अनुविभागीय अधिकारी आर.के. मिश्रा के मार्गदर्शन तथा दिशा-निर्देशों में हुई यह कार्रवाई प्रशंसनीय मानी जा रही है। ग्रामीणों व पीड़ित परिजनों ने भी शीघ्र गिरफ्तारी व साक्ष्य संधारण के लिए जनकपुर पुलिस की कार्यवाही की सराहना की है।
पुलिस फिलहाल केस की विवेचना जारी रखे हुए है और छानबीन के दौरान मिले साक्ष्यों व गायब संभावित सहयोगियों-गवाहों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
