30 May 2026, Sat

साल की आखिरी कैबिनेट बैठक में बड़े फैसले, 23 जनवरी से रायपुर में कमिश्नरेट प्रणाली लागू, राइस मिलर्स को बड़ी राहत

रायपुर / छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में साल की आखिरी मंत्रिपरिषद बैठक संपन्न हुई, जिसमें प्रशासनिक सुधार, कृषि, वनोपज, उद्योग और परिवहन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। बैठक में लिए गए निर्णयों को राज्य के विकास और वित्तीय मजबूती की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

कैबिनेट की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय –

1. मंत्रिपरिषद ने रायपुर महानगरीय पुलिस जिले में 23 जनवरी से पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से राजधानी में कानून-व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण और त्वरित प्रशासनिक निर्णयों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

2. कैबिनेट ने प्रदेश के राइस मिलर्स को बड़ी राहत देते हुए कस्टम मिलिंग के लिए धान उपार्जन और परिवहन से जुड़ी गतिविधियों में दी जाने वाली बैंक गारंटी पर लगने वाले स्टाम्प शुल्क को 0.25 प्रतिशत से घटाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया है। इससे राइस मिलर्स पर आर्थिक दबाव कम होगा।.

3. बैठक में तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के हित में भी अहम निर्णय लिया गया। वर्ष 2026 में तेंदूपत्ता खरीदी के लिए 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से ऋण लेने पर राज्य शासन द्वारा गारंटी देने की अनुमति दी गई है, जिससे संग्राहक परिवारों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सकेगा।

4. मंत्रिपरिषद ने कोदो, कुटकी और रागी की खरीद, प्रसंस्करण और बिक्री के लिए छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को कार्यशील पूंजी प्रदाय किये जाने की अनुमति दी गई.

5. मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को अराष्ट्रीयकृत लघु वनोपज के क्रय, भंडारण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन के लिए एक बार के लिए 30 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण देने का निर्णय लिया है.

6. मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम द्वारा राज्य शासन की प्रत्याभूति (गारंटी) पर लिए गए ऋणों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया. इसके अंतर्गत राज्य शासन द्वारा 55.69 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान कर पांच राष्ट्रीय निगमों से लिए गए ऋणों की पूर्ण राशि वापस करने का अनुमोदन किया गया. ये राष्ट्रीय निगम हैं- राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम, पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम, अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम और दिव्यांग वित्त एवं विकास निगम.

वर्तमान में इन ऋणों पर राज्य शासन द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 2.40 करोड़ रुपये ब्याज का भुगतान किया जा रहा है. ऋण की पूरी अदायगी होने पर यह ब्याज व्यय पूरी तरह समाप्त हो जाएगा. साथ ही राष्ट्रीय निगमों से एनओसी (अदेय प्रमाण पत्र) प्राप्त होने पर शासन की ओर से दी गई 229.91 करोड़ रुपये की लंबित गारंटी देनदारी भी समाप्त हो जाएगी. इस निर्णय से राज्य शासन पर वित्तीय बोझ कम होगा और भविष्य में होने वाले अनावश्यक व्यय से बचत सुनिश्चित होगी.

7. मंत्रिपरिषद ने उसना मिलिंग पर प्रोत्साहन राशि 20 रू. प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 40 रू. प्रति क्विंटल किए जाने का निर्णय लिया है. सभी मिलरों के लिए प्रोत्साहन राशि की पात्रता के लिए अब न्यूनतम 03 माह की जगह न्यूनतम 02 माह की मिलिंग करनी होगी.

8. मंत्रिपरिषद ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन का निर्णय लिया. इससे नीति के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रचार-प्रसार, विशेषज्ञों की नियुक्ति और सेवा गतिविधि प्रमाणपत्र जारी करने के संबंध में विसंगतियां दूर होंगी. इन संशोधनों से राज्य में निवेश की गुणवत्ता बढ़ेगी, स्थायी रोजगार सृजन होगा और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी.

9. मंत्रिपरिषद ने राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में 20 जनवरी से 5 फरवरी तक आयोजित 9वें ऑटो एक्सपो के दौरान बिकने वाले वाहनों पर लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. यह छूट एक्सपो में वाहन बिक्री के बाद पंजीकरण के समय लागू होगी, जिससे मोटरयान कर में एकमुश्त 50 प्रतिशत की राहत मिलेगी. पूरे प्रदेश के वाहन विक्रेताओं को इसका लाभ मिलेगा, इस संबंध में निर्देशित किया गया है.

10. मंत्रिपरिषद द्वारा पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ नवा रायपुर अटल नगर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का एक नवीन पद वेतन मेट्रिक्स लेवल-14 एक वर्ष की अवधि के लिए स्थायी रूप से निर्मित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है.

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