रायपुर/ केंद्रीय वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 को छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त डॉ. सलीम राज ने सराहनीय बताते हुए इसे विकसित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी बजट बताया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तैयार यह बजट देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प को मजबूती प्रदान करता है।
डॉ. सलीम राज ने कहा कि इस बजट में समाज के सभी वर्गों के हितों को संतुलित रूप से समाहित किया गया है। उन्होंने विशेष रूप से अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के बजट में की गई वृद्धि का स्वागत करते हुए बताया कि मंत्रालय का बजट बढ़ाकर 3400 करोड़ रुपये किया गया है, जो अल्पसंख्यक समुदायों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान, शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगा।
उन्होंने कहा कि किसानों, युवाओं, महिलाओं, श्रमिकों और मध्यम वर्ग के साथ-साथ अल्पसंख्यक समुदायों के लिए भी इस बजट में ठोस और प्रभावी प्रावधान किए गए हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए निवेश आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बनाएंगे, वहीं रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली योजनाएं आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को और मजबूत करेंगी।
डॉ. राज ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों और घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक जन-कल्याणकारी और दूरदर्शी दस्तावेज है, जो समावेशी विकास की अवधारणा को धरातल पर उतारने का कार्य करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट सुशासन और संवेदनशील शासन का स्पष्ट उदाहरण है।
उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्रीय बजट 2026-27 से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में विकास की नई संभावनाएं सृजित होंगी। विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदायों, छोटे व्यवसायों और स्थानीय उद्योगों को इससे लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और सामाजिक समरसता को मजबूती प्राप्त होगी।
