बैकुण्ठपुर/ स्लिम समाज और रज़ा यूनिटी फाउंडेशन द्वारा ‘उदयपुर फाइल्स’ फिल्म के खिलाफ जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में फिल्म में मौजूद आपत्तिजनक और विवादित दृश्यों को लेकर गहरी नाराजगी जताई गई है।
संगठन ने आरोप लगाया कि फिल्म में इस्लाम धर्म, मस्जिदों, मदरसों, मुस्लिम धार्मिक गुरुओं और पैगंबर मुहम्मद (स.अ.) के प्रति अत्यंत अपमानजनक सामग्री दिखाई गई है, जो मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत करती है।
संगठन ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि इस तरह की फिल्मों के जरिए न सिर्फ एक धर्म को निशाना बनाया जा रहा है, बल्कि इससे सामाजिक सौहार्द और शांति भी प्रभावित हो रही है। फिल्म में इस्लाम धर्म को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जो अस्वीकार्य है।
इसके अलावा मस्जिदों और मदरसों जैसे पवित्र स्थलों को भी नकारात्मक रूप से दिखाया गया है। मुस्लिम धर्मगुरुओं और विद्वानों को बदनाम करने का प्रयास भी फिल्म में किया गया है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि ऐसी फिल्में समाज के विभिन्न वर्गों के बीच नफरत फैलाने और सांप्रदायिक तनाव पैदा करने का माध्यम बनती हैं। इस प्रकार की सामग्री देश की गंगा-जमुनी तहज़ीब के लिए खतरनाक है।
रज़ा यूनिटी फाउंडेशन और मुस्लिम समाज ने प्रशासन से निम्नलिखित माँगें की हैं:-
1- ‘उदयपुर फाइल्स’ फिल्म की रिलीज़ और प्रदर्शन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया जाए।
2- फिल्म के निर्माता और निर्देशक से सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाई जाए।
3- मीडिया को निर्देशित किया जाए कि वह इस प्रकार की संवेदनशील और भड़काऊ सामग्री के प्रचार-प्रसार से परहेज़ करे और जिम्मेदारी से काम ले।
4- समाज के सभी वर्गों से अपील की गई कि वे शांति, भाईचारा और एकता बनाए रखें और किसी भी उकसावे में आए बिना सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने में सहयोग करें।
ज्ञापन में यह चेतावनी भी दी गई कि यदि प्रशासन इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं करता, तो मुस्लिम समाज में गहरा आक्रोश उत्पन्न हो सकता है। अंत में, संगठन ने प्रशासन से इस संवेदनशील विषय पर गंभीरता से विचार कर त्वरित कार्रवाई करने की अपील की है ताकि सामाजिक शांति और धार्मिक सौहार्द बनाए रखा जा सके।
इस दौरान रज़ा यूनिटी फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष न्यायुउद्दीन खान (आजाद खान), अहमद अली, सकील निज़ामी, सलिम जावेद, मो. समीम अली मौजूद रहे।

