रायपुर/ छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रदेशभर में भव्य सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए गए, जिनमें कुल 6,414 जोड़ों ने नए जीवन की शुरुआत की। राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं पहुंचे और 1,317 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देकर उन्हें सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और आम नागरिक मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार की यह योजना गरीब, जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक मजबूत सहारा बन रही है। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी बेटी आर्थिक अभाव के कारण विवाह से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रत्येक जोड़े के खाते में 35 हजार रुपये की सहायता राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी, वहीं विवाह समारोह के दौरान 15 हजार रुपये का उपहार और आयोजन खर्च भी सरकार द्वारा वहन किया गया।
इस सामूहिक विवाह समारोह की खास बात यह रही कि इसमें आत्मसमर्पित 6 नक्सलियों ने भी विवाह किया और सामाजिक मुख्यधारा में लौटकर नए जीवन की शुरुआत की। सरकार की इस पहल को पुनर्वास और सामाजिक समावेशन की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
सुकमा जिले में आयोजित कार्यक्रम में 107 जोड़ों ने अपने जीवनसाथी का हाथ थामा। यहां कलमु मंगडू और माडवी बुदरी का विवाह विशेष चर्चा का विषय रहा। दोनों लंबे समय तक नक्सल संगठन से जुड़े रहे थे और पिछले पांच वर्षों से एक-दूसरे से प्रेम संबंध में थे। वर्ष 2023 में पहले माडवी बुदरी ने संगठन छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की, जिसके बाद वर्ष 2025 में कलमु मंगडू ने भी आत्मसमर्पण किया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत दोनों ने सात फेरे लेकर नए जीवन की शुरुआत की।
इसी तरह जगदलपुर शहर के सिटी ग्राउंड में आयोजित समारोह में जिलेभर से आए 280 जोड़ों का विधिवत विवाह संपन्न कराया गया। इसमें खासतौर पर बस्तर के ग्रामीण अंचलों से आए श्रमिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के नवदंपती बड़ी संख्या में शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न कराया गया और नवविवाहितों को उपहार व आवश्यक सामग्री भी प्रदान की गई।
