चिरिमिरी/ चिरमिरी शहर में मानवता और साहस की मिसाल पेश करते हुए स्थानीय युवाओं के एक समूह ने वार्ड क्रमांक 34 के पार्षद राहुल भाई पटेल के साथ मिलकर दो दिन से खाई में गिरी एक बुजुर्ग महिला की जान बचाई। युवाओं ने साड़ी और लकड़ी की सहायता से महिला को खाई से बाहर निकाला और कंधों पर उठाकर चार किलोमीटर पैदल चलकर अस्पताल पहुंचाया।
घटना की जानकारी देते हुए पार्षद राहुल भाई पटेल ने बताया कि वे सुबह चिरमिरी नगर निगम जा रहे थे, तभी भूकभुकी नाला के पास सन्नी, निशांत और मोंटी ने उन्हें रोका और बताया कि खाई में कोई महिला गिरी हुई दिखाई दे रही है। जब खाई की गहराई का अंदाजा लगा तो पहले तो वे सभी लौट आए, लेकिन स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने सुभाष महतो, आर्केश, धीरज देवांगन और अंशु राजवाड़े जैसे अन्य युवाओं को साथ लेकर खाने-पीने का सामान और पानी लेकर पुनः खाई में उतरने का फैसला किया।
करीब 400 से 500 फीट नीचे, एक गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग महिला दिखी जो संभवतः दो दिन पहले ऊपर से गिर गई थी और तब से केवल पानी पीकर ज़िंदा थी। महिला ने युवाओं को देखकर बड़ी उम्मीद से मदद की गुहार लगाई। सभी युवाओं ने पहले उन्हें कुछ खिलाया, सांत्वना दी और फिर साड़ी, लकड़ी और रस्सी की मदद से बारी-बारी से उन्हें ऊपर लाने का कठिन कार्य शुरू किया।

इस पूरे रेस्क्यू अभियान में युवाओं ने खाई से बाहर निकालकर चार किलोमीटर तक महिला को कंधों पर उठाकर दुबछोला तक पहुंचाया, जहां एक वाहन की व्यवस्था कर उन्हें खड़गवां अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद फिलहाल महिला की हालत सुरक्षित है, लेकिन वह अपने घर या परिवार की पूरी जानकारी नहीं दे पा रही है। वह अपना नाम मुन्नी, बेटी का नाम लक्ष्मनिया और बेटे का नाम दुर्गेश बता रही है।

पार्षद राहुल भाई पटेल ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई इस महिला को पहचानता हो या उसके परिजनों के बारे में जानकारी हो, तो नगर निगम या नजदीकी पुलिस स्टेशन में सूचना दें।

इस साहसिक और संवेदनशील कार्य के लिए चिरमिरी के युवाओं की सर्वत्र सराहना हो रही है। जिस समर्पण और टीम भावना से उन्होंने जोखिम उठाकर एक जीवन को बचाया, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। विपरीत परिस्थितियों में भी जिस मानवता का परिचय दिया गया, वह चिरमिरी की युवा शक्ति की सामाजिक चेतना का जीवंत प्रमाण है।
