16 Jul 2026, Thu

महादेव बेटिंग ऐप का आरोपी सौरभ चंद्राकर ओमान में गिरफ्तार, भारत लाने की तैयारी

रायपुर / महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले के प्रमुख आरोपी और भिलाई निवासी सौरभ चंद्राकर को ओमान में गिरफ्तार कर लिया गया है । मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उस पर फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रह रहा था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय एजेंसियों द्वारा जारी इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सौरभ चंद्राकर को हिरासत में लिया है। फिलहाल उसे मस्कट स्थित हाई-सिक्योरिटी अल खौद डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। भारत सरकार अब उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सौरभ चंद्राकर के खिलाफ फर्जी पासपोर्ट के इस्तेमाल और अवैध तरीके से ओमान में प्रवेश करने का मामला दर्ज किया गया है। उसने अपनी पैरवी के लिए मस्कट में वकीलों की एक टीम भी नियुक्त की है। अधिकारियों का मानना है कि फर्जी पासपोर्ट के जरिए ओमान पहुंचना प्रत्यर्पण प्रक्रिया में देरी करने की रणनीति हो सकती है।

गौरतलब है कि सौरभ चंद्राकर महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले का प्रमुख आरोपी है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कथित हजारों करोड़ रुपये के अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी, मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रहे हैं।

हाल ही में इंटरपोल की कमिशन फॉर द कंट्रोल ऑफ इंटरपोल्स फाइल्स (CCF) ने सौरभ चंद्राकर की वह याचिका भी खारिज कर दी थी, जिसमें उसने अपने खिलाफ जारी रेड नोटिस हटाने की मांग की थी। आयोग ने माना कि मामला वित्तीय अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है, इसलिए रेड नोटिस जारी रहेगा।

सौरभ चंद्राकर वर्ष 2019 से फरार है। वर्ष 2024 में भी इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर उसे दुबई में हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में रिहा कर दिया गया था। भारत ने उस समय भी उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया था, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी।

ईडी के अनुसार, महादेव बेटिंग ऐप मामले में अब तक 175 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की जा चुकी है। 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, 74 लोगों को आरोपी बनाया गया है तथा रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में पांच अभियोजन शिकायतें दाखिल की गई हैं। एजेंसी ने अब तक 4,336 करोड़ रुपये से अधिक की चल एवं अचल संपत्तियां अटैच, सीज या फ्रीज की हैं।

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