रायपुर/ छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने और प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन को गति देने के उद्देश्य से गुरुवार को मंत्रालय में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की योजनाओं, विकास परियोजनाओं, पर्यटन अधोसंरचना, प्रमुख पर्यटन स्थलों और सांस्कृतिक गतिविधियों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने पर्यटन विभाग की विभिन्न योजनाओं, पर्यटन अधोसंरचना विकास, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। वहीं संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ने सांस्कृतिक संरक्षण, लोककला एवं लोक कलाकारों के संवर्धन, पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण तथा आगामी कार्यक्रमों का प्रस्तुतीकरण किया।
समीक्षा के दौरान मंत्री राजेश अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक स्थलों और जनजातीय संस्कृति से समृद्ध राज्य है, जिसका राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए।

उन्होंने पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित करने, पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत करने तथा नए पर्यटन स्थलों के योजनाबद्ध विकास पर विशेष जोर दिया। साथ ही संस्कृति विभाग को सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, लोककलाओं के संवर्धन, संग्रहालयों और सांस्कृतिक संस्थानों को अधिक प्रभावी बनाने तथा जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए।
मंत्री ने अधिकारियों से सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने और अनावश्यक विलंब से बचने को कहा।

उन्होंने विश्वास जताया कि समयबद्ध और परिणामोन्मुखी कार्यों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को पर्यटन एवं संस्कृति के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया जा सकता है।
बैठक में पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य, संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे, अवर सचिव रुचि शर्मा, उपमहाप्रबंधक पूनम शर्मा सहित विभाग एवं पर्यटन मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
